सोलन : शूलिनी विश्वविद्यालय में पार्थेनियम जागरूकता सप्ताह

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सोलन :  स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर, शूलिनी यूनिवर्सिटी ने विषैले खरपतवार पार्थिनियम के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक सप्ताहिक पार्थेनियम जागरूकता अभियान की शुरुआत की है, जो की सामान्य रूप से पर्यावरण व स्वास्थ्य और विशेष कर कृषि भूमि पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।सप्ताह भर चलने वाले इस अभियान के दौरान, संकाय और छात्रों को ऑनसाइट प्रदर्शनों के माध्यम से खाद के लिए खरपतवार के उन्मूलन और उपयोग के लिए जागरूक किया जाएगा।

किसानों के लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान भी तय समय पर आयोजित किए जाएंगे। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम 16 से 22 अगस्त 2019 तक राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य इस ज्वलंत समस्या के बारे में जनता को शिक्षित करना है। 

उद्घाटन के दिन, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के डीन डॉ वाईएस नेगी ने मुख्य अतिथि डॉ पीके खोसला, विश्वविद्यालय के कुलपति,डॉ सुनील पुरी रजिस्ट्रार,डॉ डीआर शर्मा पूर्व डीन जैव-प्रौद्योगिकी और विश्वविद्यालय के डीन और निदेशकों का स्वागत किया। प्रतिभागियों के जानकारी के लिए क्रमशः डॉ लोबज़ैंग स्टैनज़ेन और डॉ अमित कुमार द्वारा पार्थेनियम के हानिकारक प्रभावों और बायोकेन्ट्रोल पर विशेष व्याख्यान दिए गए। अपने उद्घाटन भाषण में, उप कुलपति प्रो पी.के. खोसला ने जोर देकर कहा कि पार्थेनियम का बढ़ना समाज को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करने वाली एक गंभीर समस्या है जिसे ठोस प्रयासों के माध्यम से मिटाने की आवश्यकता है। उन्होंने इस दिशा में कृषि विद्यालय द्वारा की गई पहल की भी सराहना की।

इस अभियान में स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर, बॉटनी और फूड टेक्नोलॉजी के डीन,डायरेक्टर्स,फैकल्टी और छात्रों सहित 250 से अधिक लोगों ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र के बाद और उपयुक्त एहतियाती उपाय करके खरपतवार को उखाड़ने के प्रदर्शन के लिए विश्वविद्यालय परिसर में और उसके आसपास के क्षेत्र का दौरा किया गया।

क्षेत्र भ्रमण का आयोजन कृषि संकाय के प्राध्यापक डॉ जीके शर्मा, डॉ के कुमार, डॉ एसके गुप्ता, डॉ आशुतोष मोहंती, डॉ लोबज़ंग स्टैनज़ेन, डॉ अमित कुमार, डॉ मंसूर अली, डॉ सलेना जंजुआ और डॉ सलोनी ठाकुर द्वारा किया गया।